
Paper 3 : Panchang and Muhurtashastra (Paper Code AS003#PDF)
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Paper 3 : Panchang and Muhurtashastra
32 Lessons
- अध्याय-01 पंचांग का परिचय
- अध्याय-02 : मुहूर्तशास्त्र का परिचय
- अध्याय-03 : कालमान एवं समय मापन की इकाइयाँ
- अध्याय - 04 : संवत् एवं कॅलेंडर व्यवस्था
- अध्याय-05 : बार्हस्पत्य संवत्सर व्यवस्था
- अध्याय - 06 : वर्ष की ग्रह परिषद् एवं अन्य घटक
- अध्याय-07: सूर्य की गति एवं संक्रान्ति
- अध्याय - 08 : मास एवं पक्ष व्यवस्था
- अध्याय - 09 : सूर्योदयादि गणना
- अध्याय 10: पंचांग का प्रथम अंग : तिथि
- अध्याय-11 : पंचांग का द्वितीय अंग : वार
- अध्याय - 12 : पंचांग का तृतीय अंग : नक्षत्र
- अध्याय- 13 : पंचांग का चतुर्थ अंग : योग
- अध्याय- 14 : पंचांग का पंचम अंग : करण
- अध्याय-15: नैमित्तिक योग
- अध्याय- 16 : नित्य मुहूर्त
- अध्याय-17 : नैमित्तिक मुहूर्त
- अध्याय-18 : ग्रहण
- अध्याय-19 : समय-शुद्धीकरण : सामान्य समय-शुद्धि
- अध्याय-20 : समय शुद्धीकरण : पंचांग शुद्धि
- अध्याय-21 : समय शुद्धीकरण : लग्न शुद्धि
- अध्याय-22 : व्यष्टि स्तर पर समय शुद्धीकरण
- अध्याय-23 : जन्म से सम्बन्धित संस्कार मुहूर्त
- अध्याय-24 : अन्नप्राशनादि संस्कार मुहूर्त
- अध्याय-25 : उपनयनादि संस्कार मुहूर्त
- अध्याय-26 : विवाह संस्कार मुहूर्त
- अध्याय-27 : धार्मिक मुहूर्त
- अध्याय-28 : आर्थिक एवं व्यावसायिक मुहूर्त
- अध्याय-29 : वास्तु मुहूर्त
- अध्याय-30 : यात्रा मुहूर्त
- अध्याय-31 : विविध मुहूर्त
- अध्याय-32 : समाहार
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